बेटी को सांप से डसवाने की आरोपी मां अब बेटे के लिए बहा रही आंसू, जेल में बीती बेचैन रात

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मेरठ में स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाने वाली पत्नी जेल में रातभर करवटें बदलती रही। सूत्रों के मुताबिक, वह 6 साल के बेटे को याद कर रोती रही। पुलिसवालों से एक बार बेटे को दिखाने की मिन्नतें करती रही।

पति अतुल कुमार (32) की हत्या की प्लानिंग कैसे और कब की? थाने में पुलिसवालों के इस सवाल को सुनते ही दामिनी (30) ने नजरें फेर लीं। सिर झुका लिया। फिर दुपट्टे से चेहरा छिपा लिया। उसने अपने हाथ पर टैटू बनवाया है। उस पर लिखा है- ‘अतुल की गुर्जरी’।

पूछने पर बताया- मैं उससे बेइंतहा मोहब्बत करती थी, इसलिए 6 साल पहले यह टैटू गुदवाया था। शनिवार को दैनिक भास्कर टीम मेरठ जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर वारदात वाली जगह यानी हस्तिनापुर पहुंची। टीम अतुल, आरोपी पत्नी दामिनी और उसके प्रेमी तुषार पायला के घर गई।

दामिनी के भाई ने कहा- बहन हमारे लिए मर चुकी है। जेल जाए, कुछ भी करे… हमें कोई मतलब नहीं है। वहीं, अतुल के भाई का कहना है कि दामिनी और उसके प्रेमी को फांसी हो। मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। चलिए पढ़ते हैं ग्राउंड रिपोर्ट-


यह दामिनी के प्रेमी और स्कूल वैन ड्राइवर तुषार का घर है। गेट पर कुंडी लगी थी, घर में कोई सदस्य नहीं था।

 

प्रेमी के घर कोई नहीं, पड़ोसी बोले- विश्वास नहीं हो रहा

दैनिक भास्कर टीम सबसे पहले दामिनी के प्रेमी और स्कूल वैन ड्राइवर तुषार के घर पहुंची। दामिनी-अतुल के कृष्णा किड्स स्कूल से डेढ़ किमी दूर तुषार का दो मंजिला घर है। हमने एक पड़ोसी महिला से पूछा कि क्या यह तुषार का घर है? उन्होंने कहा- जी, यही घर है। तुषार का परिवार 1982 से इसी घर में रह रहा है। बहुत अच्छा परिवार है।

उन्होंने कहा- हमें तो विश्वास ही नहीं हो रहा कि तुषार ऐसा भी कर सकता है। तुषार का परिवार शुक्रवार सुबह से ही गायब है। कहां गया, हमें नहीं पता। घर तभी से बंद है। तुषार के घर के बाहर ग्रे रंग की इको वैन खड़ी थी। इसी से वह रोज स्कूल के बच्चों को लाता और ले जाता था। घर पर कोई नहीं था।

मेन गेट की कुंडी बंद थी, लेकिन ताला नहीं लगा था। गेट खोलकर अंदर गए तो दिल्ली नंबर की काले रंग की एक कार खड़ी थी, जिस पर ‘तुषार पायला, जिलाध्यक्ष गुर्जर संघ’ लिखा था। घर के सामने भैंसों का तबेला था। एक तरफ हैंडपंप लगा था। जिसमें पानी नहीं आता।

आंगन से ऊपर की मंजिल पर गए तो वहां दो कमरे थे। दोनों बंद थे। पीछे खुली छत थी। इसके बाद हम तुषार के ताऊ के घर पहुंचे। वह चारपाई पर बैठकर एक पड़ोसी से बात कर रहे थे। उन्होंने सिर्फ इतना कहा- “हमें कुछ नहीं पता, हमें कोई बात नहीं करनी।”

दामिनी का रिश्तेदार बोला- हमारा उससे कोई रिश्ता नहीं

तुषार के घर के बाद हम आरोपी दामिनी के मायके पहुंचे। स्कूल से दामिनी के घर की दूरी महज 800 मीटर है। घनी आबादी वाले इस इलाके में दामिनी का घर है। दामिनी पहले घर में कॉस्मेटिक का काम करती थी। मीडिया से परिवार और पड़ोसी बात करने को राजी नहीं हुए।

घर से एक व्यक्ति बाहर आया। उसने कहा- मैं दामिनी का रिश्तेदार हूं। हमें किसी से कोई बात नहीं करनी और न ही कुछ बताना है। शादी के बाद से हमारी दामिनी से बातचीत बंद हो चुकी है। उसने क्या किया, क्यों किया और किसके कहने पर यह सब किया, हमें कुछ नहीं पता।

तभी एक बाइक घर के सामने आकर रुकी। बाइक पर तीन युवक सवार थे। मीडिया को देखकर वे नाराज हो गए। दो युवकों ने कहा- “सोनू भइया, आप अंदर जाइए।” सोनू दामिनी का भाई है। जब हमने दामिनी के बारे में कुछ बताने को कहा तो उन्होंने कहा- “कैमरा बंद करो।”

इसके बाद उन्होंने कहा- “दामिनी से हमारा कोई मतलब नहीं है। आप चाहें तो थाने जाकर पूछ लें। शुक्रवार को जब अतुल की मौत की जानकारी मिली, तो हमने ही सबसे पहले कहा था कि उसका पोस्टमॉर्टम कराया जाए। दामिनी रहे, जेल जाए या कुछ भी करे… हमें उससे कोई लेना-देना नहीं। हमारे लिए वह मर चुकी है।”

यह दामिनी का मायका है। उसके भाई का कहना है कि बहन से हमारा कोई मतलब नहीं है।

 

स्कूल पर ताला लगा, पड़ोसी बोले- तुषार दामिनी को वैन से लाता-ले जाता था

दामिनी के घर के बाद हम कृष्णा किड्स स्कूल पहुंचे। यह स्कूल अतुल और दामिनी किराए की बिल्डिंग में चलाते थे। स्कूल पर दो-तीन बोर्ड लगे थे। इनमें एमडी अतुल पवार और प्रिंसिपल दामिनी लिखा था। स्कूल मेन रोड पर है। वहां ताला लगा था।

बाहर चारपाई पर एक बुजुर्ग बैठे थे। उन्होंने बताया कि दामिनी और अतुल ने यह बिल्डिंग किराए पर ली थी। रोजाना सुबह 100 से 150 बच्चे आते थे। कुछ टीचर भी आती थीं। यह छोटे बच्चों का स्कूल है। तुषार भी यहां बच्चों को गाड़ी से लाता और ले जाता था। वह स्कूल के बाहर वैन में बैठा रहता था।

उन्होंने बताया कि कई बार तुषार को दामिनी को अपने साथ वैन में लाते-ले जाते भी देखा है। लेकिन, उनके बीच क्या चल रहा था, इससे हमें कभी मतलब नहीं रहा, इसलिए कुछ पूछा नहीं। शुक्रवार सुबह से स्कूल बंद है। यहां न बच्चे दिखे और न ही अभिभावक। अब स्कूल कब खुलेगा, इसकी भी हमें जानकारी नहीं है।

यह वही स्कूल है, जिसे अतुल चलाते थे। भास्कर टीम जब वहां पहुंची, तो स्कूल भी बंद मिला।

 

अतुल के भाई बोले- दामिनी यहां बहुत कम आती थी

कृष्णा किड्स स्कूल से 3 किमी दूर अतुल का पैतृक घर है। स्कूल के बाद हम अतुल के परिवार से मिलने पहुंचे। अतुल का बड़ा घर है। घर के बाहर कुछ कारें और बाइकें खड़ी थीं। लोगों का लगातार आना-जाना लगा था। एक तरफ अतुल के बड़े भाई सिर झुकाए बैठे थे। तभी कुछ महिलाएं दुपट्टे से चेहरा ढककर रोती हुई आईं।

इन महिलाओं में अतुल की मां और भाभी थीं। पुरुषों में अतुल के पिता और बड़े भाई बैठे थे। अतुल के परिजनों ने कहा- पुलिस अपना काम सही कर रही है, हम उससे संतुष्ट हैं। इससे ज्यादा हमें कुछ नहीं कहना।

हमने अतुल के भाई को ढांढस बंधाया। उन्होंने हाथ जोड़ते हुए कहा- हमें कुछ नहीं पता। मैं रिटायर फौजी हूं और इस समय नौकरी कर रहा हूं। शुक्रवार सुबह 6 बजे दामिनी का फोन आया था। उसने कहा- “भैया, अतुल को सांप ने काट लिया है।”

हम उनके किराए के घर पहुंचे तो अतुल की सांसें थम चुकी थीं। दामिनी और अतुल की लव मैरिज थी। दामिनी हमारी ही बिरादरी की थी, इसलिए हमने दोनों की शादी करा दी। सब कुछ ठीक चल रहा था। अतुल घर आता-जाता था। दामिनी बहुत कम आती थी। पिछले काफी समय से अतुल और दामिनी किराए के घर में रहने लगे थे। बेटा भी साथ रहता था।

 

जानिए पूरा मामला

  • अतुल ने 7 साल पहले परिवार के खिलाफ जाकर दामिनी से लव मैरिज की थी। चार साल पहले नौकरी छोड़कर कृष्णा किड्स प्ले स्कूल खोला। पुलिस के मुताबिक, दो साल पहले 10 हजार रुपए महीने पर तुषार स्कूल में वैन ड्राइवर बना। इसी दौरान उसका दामिनी से अफेयर शुरू हो गया।
  • दोनों शादी करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अतुल की हत्या कर 20 लाख रुपए का बीमा हड़पने की साजिश रची। कुछ दिन पहले अतुल को अर्टिगा कार से टक्कर मारकर हत्या की कोशिश की, लेकिन वह बच गए।
  • इसके बाद तुषार ने अपने सपेरे दोस्त सोनू और उदय से 5 लाख रुपए में जहरीले सांप से हत्या की डील कर ली। 16 जुलाई की रात दामिनी ने अतुल के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। उसके सोने के बाद तुषार सपेरों के साथ पहुंचा। जहरीले सांप से अतुल को डसवाया। फिर सांप कमरे में ही छोड़ दिया। दामिनी ने तुषार को वहां से भगा दिया। खुद दूसरे कमरे में जाकर सो गई।
  • 17 जुलाई की सुबह उसने शोर मचाया और परिजनों से कहा कि अतुल को सांप ने काट लिया। मामला तब पलटा, जब पूछताछ में दामिनी ने बताया कि गर्मी लगने पर वह बेटे के साथ दूसरे कमरे में सोने चली गई थी। उसके बयान पर शक होने के बाद पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली। तुषार से लगातार बातचीत के सबूत मिले। गिरफ्तारी के बाद तुषार ने पूरी साजिश कबूल कर ली।
यह वही सांप है। दामिनी ने इससे ही अतुल को डसवाया था। बाद में गांव वालों ने सांप को डिब्बे में बंद कर दिया था।
Red 7 News 24
Author: Red 7 News 24

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