गाजियाबाद के संजय नगर में ऑटो किराए के विवाद के बाद मदद मांगने पिंक बूथ पहुंचे युवक राजकुमार की पुलिस की कथित लापरवाही से मौत हो गई।

गाजियाबाद। प्रदेश सरकार एक ओर जहां लोगों की सुरक्षा और उनकी मदद का दम भरती है, लेकिन गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में इसके उलट हो रहा है। एक ऑटो ड्राइवर से विवाद के बाद एक युवक मदद के लिए संजय नगर स्थित पिंक बूथ पर पहुंचा।
वहां करीब 40 मिनट तक वह मदद के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बूथ का दरवाजा नहीं खोला। जब वह हिम्मत हार गया तो उसने दरवाजे के शीशे पर दोनों हाथ दे मारे। शीशा टूटते ही कांच युवक के हाथ में धंस गए। नसें कट गईं और तेजी से रक्तस्राव होने लगा। लोग उसे जब तक अस्पताल लेकर पहुंचे तब तक उसकी सांसें थम चुकी हैं।
क्या है पूरा मामला?
मधुबन बापूधाम क्षेत्र के गुलधर-2 निवासी 22 वर्षीय राजकुमार टाइल्स ठेकेदार के यहां काम करता था। रविवार दोपहर वह संजय नगर एम ब्लाक तक ऑटो से पहुंचा था। ऑटो चालक लकी ने 20 रुपये किराया मांगा, जबकि राजकुमार 10 रुपये देने पर अड़ा रहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया।
राजकुमार के भाई रितेश ने बताया कि विवाद बढ़ने पर वह संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ पहुंचे लेकिन मुख्य गेट बंद था। वे दूसरे रास्ते से अंदर पहुंचे और मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। जब उनकी हिम्मत जवाब दे गई तो उसने दरवाजे के लगे शीशे में अपने दोनों हाथ दे मारे। इससे कांच उसके हाथों में घुस गया और नसें कट गईं। इससे अधिक रक्तस्राव हो गया।इसके बावजूद बूथ से कोई मदद के लिए बाहर नहीं निकला तो राजकुमार बाहर सड़क पर आ गए। इस दौरान वहां से गुजर रहे लोगों ने मेडिकल स्टोर से बैंडेज लाकर अस्थायी पट्टी बांधकर राजकुमार को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।










