गाजियाबाद में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, 17 युवतियों सहित 20 गिरफ्तार

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गाजियाबाद के साहिबाबाद में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ, जहां नौकरी दिलाने के नाम पर 400 से अधिक युवाओं से 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की गई। पुलिस ने 17 युवतियों सहित 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

स्वाट टीम, क्राईम ब्रान्च व थाना साहिबाबाद पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के 20 आरोपित।

 

गाजियाबाद। साहिबाबाद थाना पुलिस, स्वाट टीम और क्राइम ब्रांच की टीम ने राजेंद्र नगर स्थित दुर्गा इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 17 युवतियों सहित 20 आरोपितों को गिरफ्तार किया।

आरोपित बेरोजगार युवाओं को यूएई सहित अन्य खाड़ी देशों में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पंजीकरण, प्रोसेसिंग, इंटरव्यू और कमीशन के नाम पर रुपये वसूलते थे। युवतियों खुद को अपने परिवार, पड़ोसी और रिश्तेदारों को साफ्टवेयर इंजीनियर बताती थीं।

साइबर धोखाधड़ी करने वाले आरोपितों के पास से बरामद सामान।

 

400 से ज्यादा युवाओं से चार करोड़ की ठगी

यह गिरोह अब तक 400 से अधिक युवाओं से चार करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। आरोपितों के पास से बैंकिंग दस्तावेज और एक लग्जरी कार बरामद हुई है। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर इस कॉल सेंटर के खिलाफ 24 शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना अभिषेक जैन है, जिसने जैनसन इंटरनेशनल नाम से एक फर्म बना रखी थी। कागजों में यह फर्म मखाने का कारोबार करती है। फर्म की आड़ में वह अपनी पत्नी हिना, मामा सुनील जैन और सलीम अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।

फोन कॉल कर रोजगार का झांसा देती थीं युवतियां

कॉल सेंटर में युवतियों और युवकों को नौकरी पर रखा गया था। जिनका काम नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को फोन कर उन्हें आकर्षक रोजगार का झांसा देना था। आरोपितों ने बताया कि वह इंटरनेट पर उपलब्ध रोजगार वेबसाइटों नौकरी तलाशने वाले युवाओं का डाटा खरीदते थे।

इस डाटा को अलग-अलग पेन ड्राइव में डालकर कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को दिया जाता था। वह बेरोजगार युवाओं से संपर्क कर उन्हें देश और विदेश में प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी लगवाने का झूठा भरोसा देती थीं। भरोसा बनने पर अलग-अलग मदों में रुपये जमा कराए जाते थे।

इस तरह कॉल सेंटर में होता था काम

कॉल करने वाली युवतियों को फर्जी पहचान के साथ की-पैड मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे। जिससे उनकी वास्तविक पहचान सामने न आ सके। फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन की व्यवस्था सलीम करता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 12 लैपटॉप, 23 स्मार्टफोन, 14 की-पैड मोबाइल फोन, 47 सिम कार्ड, 16 डेबिट कार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, 10 मोहरें, आठ चेक बुक, पांच पासबुक, एक आधार कार्ड, एक फर्जी मतदाता पहचान पत्र, दो प्रिंटर, सात पेन ड्राइव, एक क्यूआर कोड स्कैनर और एक आडी कार बरामद की।

15 से 30 हजार रुपये नकद वेतन के रूप में देते

पकड़ी गई ज्यादातर युवतियां बीबीए, बीसीए और 12वीं पास है। युवतियों को 15 से 30 हजार रुपये वेतन रूप के रूप ने नकद दिए जाते थे। उनसे 12-12 घंटे काम कराया जाता था। आरोपित ने उन्हें बेरोजगार युवाओं का डाटा खरीदकर देते थे।

ठगी करने के बाद उनका उनका कॉल नहीं उठाते थे। पूर्व में मुख्य सरगना किसी अन्य कॉल सेंटर में नौकरी कर चुका है। गिरफ्तार युवतियां गाजियाबाद और दिल्ली की रहने वाली हैं। पुलिस पकड़ में आए सभी की उम्र 19 से 34 वर्ष के बीच है।

Red 7 News 24
Author: Red 7 News 24

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