आजम खान पर ED की बड़ी स्ट्राइक: जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट के 10 ठिकानों पर छापेमारी

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लखनऊ/ रामपुर/ सहारनपुर: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की. ED की अलग-अलग टीमें रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में करीब 10 जगहों पर पहुंची है. इन जगहों पर जांच टीम दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े कागजात और डिजिटल सामान खंगाले जा रहे हैं.

मनी लॉन्ड्रिंग केस में आजम खान घिरे, ठेकों का पैसा ट्रस्ट में हुआ डाइवर्ट?

लखनऊ/ रामपुर/ सहारनपुर: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की. ED की अलग-अलग टीमें रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में करीब 10 जगहों पर पहुंची है. इन जगहों पर जांच टीम दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े कागजात और डिजिटल सामान खंगाले जा रहे हैं.

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला: मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. ED की लखनऊ जोनल टीम PMLA की धारा 17 के तहत तलाशी कर रही है. जांच का सबसे अहम हिस्सा सरकारी ठेकों में आने-जाने वाले पैसे को लेकर है. ED को शक है कि सरकारी कामों के लिए जारी रकम का कुछ हिस्सा निजी ठेकेदारों के जरिए दूसरी जगह पहुंचाया गया. इसके बाद इसी रकम का इस्तेमाल ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी से जुड़े कामों में किए जाने की आशंका है.

यूनिवर्सिटी गेट पर सुरक्षा कड़ी: रामपुर में सुबह करीब सात बजे ED की टीम के पहुंचने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में हलचल बढ़ गई. यूनिवर्सिटी के गेट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. छात्रों और छात्राओं के साथ-साथ स्टाफ को रजिस्टर में एंट्री दर्ज कराने के बाद अंदर जाने दिया जा रहा है, जबकि बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक है. परिसर के बाहर और गेट पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी बढ़ाई गई है.

बिना मोबाइल के बच्चों को कॉलेज में नहीं जाने दिया जा रहा: पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू का कहना है कि कुछ स्टूटेंड्स की कॉल आई थी. उन्होंने बताया कि हमें यूनिवर्सिटी के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है. स्टूडेंट्स के फोन नंबर लिए जा रहे हैं. बिना मोबाइल वाले स्टूडेंट को कॉलेज के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है. स्टूडेंट्स की सूचना पर मैं यहां पहुंचा. मैंने छापा मारने वाली टीम से आग्रह किया है कि बच्चों के मोबाइल नंबर न लें. बच्चे बहुत डरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि उन बच्चों को रोका जा रहा है जिनके पास मोबाइल नहीं है. उन्होंने ईडी की रेड को लेकर कई सवाल उठाए. साथ ही सरकार पर जौहर यूनिवर्सिटी बंद कराने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. कहा कि बच्चों को परेशान न किया जाए.

सहारनपुर में रेड: सहारनपुर में CA दीपक गुप्ता के लिंक आज़म खान से मिलने पर उनके घर और दफ्तर पर ED अधिकारियों ने डेरा डाल रखा है. लखनऊ नंबर की गाड़ियों से आई ED की टीम वित्तीय लेनदेन, वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों, कंप्यूटर्स-लेपटॉप और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं. इस दौरान किसी को घर-दफ्तर से बाहर और बाहर से अंदर जाने पर रोक लगाई हुई है. जांच एजेंसी की टीमें CA दीपक गुप्ता के यहां विश्वविद्यालय और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों, लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं. CA दीपक गुप्ता के अम्बाला रोड स्थित दफ्तर और दिल्ली रोड पर ग्रीन पार्क कॉलोनी के मकान पर छापे मारी जारी हैं.

सहारनपुर में रेड

ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच पैसों के लेन-देन: जांच एजेंसी को कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच पैसों के लेन-देन की जानकारी भी मिली है. ये वही ठेकेदार बताए जा रहे हैं, जिन्हें सरकारी कामों से फायदा मिला था. ED अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि सरकारी ठेके से निकली रकम और ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी में पहुंचे पैसे के बीच क्या कनेक्शन है.

जौहर यूनिवर्सिटी के गेट पर सुरक्षा कड़ी

दान के नाम पर रकम देने का आरोप: ED की जांच के मुताबिक कुछ ठेकेदारों ने सरकारी कामों से मिली रकम में से बड़ी धनराशि ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी को देने का काम किया है. कुछ रकम दान के तौर पर दिए जाने और कुछ के निर्माण कार्यों में लगाए जाने की बात सामने आई है. यानी जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं सरकारी काम के लिए निकला पैसा घूम-फिरकर जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े प्रोजेक्ट में तो नहीं लगाया गया.

दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही ED: छापेमारी के दौरान ED की नजर सिर्फ कागजी रिकॉर्ड पर नहीं है. बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, भुगतान का हिसाब, ठेकेदारों के रिकॉर्ड, ट्रस्ट से संबंधित कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद जानकारी भी जांच के दायरे में है. जांच एजेंसी यह पता करना चाहती है कि कथित तौर पर सरकारी धन से निकली रकम किन खातों में गई, किसके जरिए गई और आखिर में उसका इस्तेमाल कहां हुआ.

पहले भी वित्तीय जांच के घेरे में रहा है ट्रस्ट: जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी की आर्थिक गतिविधियां पहले भी जांच एजेंसियों के निशाने पर रही हैं. जून 2026 में आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन, टैक्स से जुड़े मामलों और सरकारी धन के कथित इस्तेमाल को लेकर जांच आगे बढ़ने की बात सामने आई थी. इससे पहले भी सरकारी विभागों से जुड़े कामों और जौहर यूनिवर्सिटी में हुए निर्माण को लेकर सवाल उठते रहे हैं. 2023 में सामने आई रिपोर्टों में सरकारी विभागों के करीब 106 करोड़ रुपये से जुड़े कथित इस्तेमाल की जांच की बात कही गई थी.

यूनिवर्सिटी के निर्माण पर भी चल रही कार्रवाई: जौहर यूनिवर्सिटी इन दिनों एक और वजह से चर्चा में है. रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी परिसर की कई इमारतों के निर्माण को लेकर कार्रवाई की थी. प्राधिकरण की ओर से बड़ी संख्या में भवनों को नियमों के खिलाफ बने होने का आरोप लगाया गया था. अब ED की नई कार्रवाई ने यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े आर्थिक मामलों की जांच को फिर चर्चा में ला दिया है.

तलाशी के बाद सामने आएगा पूरा हिसाब: फिलहाल ED की टीमें अलग-अलग परिसरों में जांच कर रही हैं. अभी यह साफ नहीं है कि तलाशी में कितनी रकम, कौन से दस्तावेज या कौन से डिजिटल उपकरण मिले हैं. जांच पूरी होने के बाद ही इसका विस्तृत ब्योरा सामने आने की उम्मीद है. फिलहाल ED का मुख्य फोकस इस बात पर है कि सरकारी ठेकों की रकम से जुड़े पैसों का ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी तक कोई सीधा या परोक्ष रास्ता बना था या नहीं. अगर दस्तावेजों और लेन-देन से इसकी पुष्टि होती है तो जांच आगे और बढ़ सकती है

Red 7 News 24
Author: Red 7 News 24

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