
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बिजली व्यवस्था को लेकर एक बार फिर लोगों की नाराज़गी सामने आ रही है। शहर के कई इलाकों से लगातार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और एक फेज की सप्लाई जैसी शिकायतें मिल रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे भीषण गर्मी के बीच लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली बिल का भुगतान समय पर और पूरा करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त और नियमित बिजली नहीं मिल रही। कई क्षेत्रों में बार-बार बिजली ट्रिप होने, लो-वोल्टेज तथा केवल एक फेज की सप्लाई मिलने जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। इसके कारण घरों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और विद्यार्थियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के टोल-फ्री नंबर और शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कई मामलों में समय पर समाधान नहीं हो पाता। कुछ लोगों का आरोप है कि हेल्पलाइन पर कई बार कॉल रिसीव नहीं होती, जबकि शिकायत दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई में काफी देरी होती है। इससे लोगों में विभाग के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है।
बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों का सवाल है कि जब प्रदेश में बेहतर बिजली आपूर्ति के दावे किए जाते हैं, तो गाजियाबाद के कई इलाकों में आज भी ऐसी समस्याएं क्यों बनी हुई हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते शिकायतों का प्रभावी समाधान करे तो लोगों को राहत मिल सकती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो जनता का भरोसा व्यवस्था पर कमजोर हो सकता है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो भविष्य में यह एक अहम जनमुद्दा बन सकती है। हालांकि इसका राजनीतिक प्रभाव क्या होगा, इसका निर्णय अंततः मतदाता ही करेंगे।
अब सभी की निगाहें बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग इन शिकायतों के समाधान के लिए कितनी तेजी से कदम उठाता है और गाजियाबाद के नागरिकों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति कब तक सुनिश्चित हो पाती है।










